प्रतिरक्षा की दूसरी पंक्ति
ग्राम-रक्षा-दल प्रतिरक्षा की एक दूसरी पंक्ति है ! इसकी यथायानता की पुस्टि इन बातो से होती है :-
1. अनिवार्य सैनिक शिक्षा और
2. पंचायत के बाहरी शत्रुओ का प्रतिरोध !
अनिवार्य सैनिक शिक्षा - प्रतिरक्षा संबंधी कार्य सैनिक द्वारा सम्पन होते हैं ! सैनिक को उक्त कार्यो के संपादन में निपुणता लाने के निमित उन्हें तत्सम्बन्धी विशेष शिक्षा दी जाती है, जो सैनिक-शिक्षा कहलाती है ! सैनिक शिक्षा में कवायद तथा आवश्यक अस्त्र -शस्त्रों की शिक्षा का विशेष स्थान होता है !
ग्राम-रक्षा-दल में भी सैनिक शिक्षा को खास स्थान दिया गया है ! दल के सदस्यों को अन्य सैनिक संस्थाओ की भाति ही कवायद आदि इसलिए सिखाया जाता है कि उनका शरीर सुदृढ़ सुडौल एवं स्फूर्तिमय बना रहे तथा ग्राम-रक्षा-दल के दलपति अपने शिविर में सामूहिक लोकनृत्य का प्रदर्शन कर रहे है !